बाजार में जल्द ही ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट नजर आएंगे। रिजर्व बैंक 100-100 करोड़ यानी टोटल 200 करोड़ पॉलीमर यानी प्लास्टिक से बने नोट छापेगा। यह प्लास्टिक करेंसी का ट्रायल होगा, अगर यह सफल होता है तो आगे और नोट भी छापे जाएंगे।
भारत में पहली बार आएंगे प्लास्टिक नोट
हाल ही में लोकसभा में सांसद रामप्रीत मंडल और कृष्णा देवी शिवशंकर पटेल ने वित्तमंत्री से प्लास्टिक नोट को लेकर सवाल पूछा था, इसी के साथ ये भी पूछा कि इससे डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर क्या प्रभाव पड़ेगा. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी पूछा कि क्या सरकार कागजी नोटों को पूरी तरह से प्लास्टिक के साथ बदल देगी?
मजबूत होते हैं पॉलिमर नोट

RBI के अनुसार, ‘अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों से पता चलता है कि पॉलिमर बैंक नोटों की आयु कागजी नोटों की तुलना में काफी ज्यादा होती है.
वर्तमान में पॉलिमर नोटों की शुरुआत प्रारंभिक चरण में है, इसलिए डिजिटल भुगतान पर इसका प्रभाव नियमित जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. साथ ही, नकद मुद्रा और डिजिटल भुगतान प्रणाली एक-दूसरे के पूरक भुगतान माध्यम हैं.
पूरे देश में इन्हें लागू करने पर तभी विचार किया जाएगा जब ट्रायल के नतीजे संतोषजनक हों।
वित्त मंत्रालय ने फिर से कहा कि कागज़ के नोट और पॉलिमर नोट साथ-साथ चलेंगे और अभी पारंपरिक करेंसी को धीरे-धीरे बंद करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
ePaper मध्य प्रदेश पोर्टल. ePaper मध्य प्रदेश